बूंदी लड्डू रेसिपी| Boondi ladoo recipe in hindi
Dhruti Lunagariya
बूंदी लड्डू का स्वाद और बनावट ऐसी होती है कि यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी को पसंद आता है। इसका उपयोग जन्मदिन, विवाह और अन्य खास अवसरों पर भी होता है। खासकर दीपावली, गणेश चतुर्थी, और जन्माष्टमी जैसे त्योहारों पर बूंदी लड्डू का प्रचलन और भी बढ़ जाता है। यह मिठाई भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और भारतीय मिठाइयों में इसका खास स्थान है। बूंदी लड्डू न केवल एक मिठाई है, बल्कि यह भारतीय परंपरा, संस्कृति और स्वाद का प्रतीक है। यह मिठाई हर किसी के दिल में बचपन की मिठास और खास यादों को ताजा कर देती है।
Prep Time 10 minutes mins
Cook Time 20 minutes mins
Total Time 30 minutes mins
Course Main Course
Cuisine Indian
Servings 4 people
Calories 230 kcal
सामग्री:
- बेसन चना दाल का आटा - 1 कप
- पानी - 1/2 कप घोल बनाने के लिए
- चीनी - 1 कप
- पानी - 1/2 कप चाशनी के लिए
- इलायची पाउडर - 1/2 छोटी चम्मच
- केसर - 5-6 धागे वैकल्पिक
- बेकिंग सोडा - एक चुटकी
- घी या तेल - तलने के लिए
- कटे हुए पिस्ता और बादाम - 2 बड़े चम्मच सजावट के लिए
विधि:
सबसे पहले, बेसन को छलनी से छान लें ताकि उसमें कोई गांठ न रहे। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए पतला और चिकना घोल तैयार करें। घोल में बेकिंग सोडा मिलाएं और इसे अच्छी तरह फेंटें ताकि घोल फूल जाए।
एक गहरे कड़ाही में घी या तेल गरम करें। जब तेल अच्छी तरह से गरम हो जाए, तब एक झारे (छेद वाले चम्मच) का उपयोग करें और उसमें बेसन का घोल डालें। घोल से छोटे-छोटे बूंदी के मोती बनते हैं, जो तेल में गिरते ही फूलने लगते हैं। इन्हें हल्का सुनहरा होने तक तलें और फिर निकालकर एक पेपर टॉवल पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए। इसी तरह सारी बूंदी तैयार कर लें।
एक अलग पैन में चीनी और पानी डालें और उसे गरम करें। जब चीनी पूरी तरह घुल जाए, तब इसे 5-7 मिनट तक उबालें ताकि एक तार की चाशनी तैयार हो जाए। चाशनी में केसर और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
तली हुई बूंदी को चाशनी में डालें और इसे अच्छी तरह से मिलाएं ताकि सभी बूंदी में चाशनी अच्छी तरह से मिल जाए। इसे कुछ समय के लिए छोड़ दें ताकि बूंदी चाशनी को अच्छे से सोख ले।
जब बूंदी हल्की ठंडी हो जाए और चाशनी को अच्छी तरह से सोख ले, तब इसे हाथ से गोल-गोल लड्डू के आकार में बांधें। सभी लड्डू बन जाने के बाद इसे कटे हुए बादाम और पिस्ता से सजाएं।
बूंदी के लड्डू तैयार हैं। इन्हें तुरंत परोस सकते हैं या एयरटाइट डिब्बे में रख सकते हैं। ये लड्डू 5-7 दिनों तक ताज़ा बने रहते हैं।
- लड्डू के लिए एक तार की चाशनी बनानी चाहिए। अगर चाशनी बहुत गाढ़ी होगी तो बूंदी ठीक से नहीं सोखेगी, और बहुत पतली होगी तो लड्डू बांधने में मुश्किल होगी।
- बूंदी को तलते समय ध्यान रखें कि घोल का सही स्थिरता हो। अगर घोल बहुत पतला होगा तो बूंदी बहुत छोटी बनेगी और अगर मोटा होगा तो बूंदी बहुत बड़ी बनेगी। घोल में बेकिंग सोडा मिलाने से बूंदी हल्की और फूली हुई बनती है।
- लड्डू को आकर्षक बनाने के लिए आप इसके ऊपर चांदी का वर्क भी लगा सकते हैं, जो खास अवसरों पर बहुत अच्छा लगता है।
- बूंदी को धीमी-मध्यम आंच पर तलें ताकि वह अच्छी तरह से कुरकुरी और हल्की सुनहरी बने। अधिक तेज आंच पर तलने से बूंदी का स्वाद प्रभावित हो सकता है।
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