बूंदी दही रायता एक पारंपरिक और स्वादिष्ट भारतीय व्यंजन है, जिसे खासतौर पर भोजन के साथ परोसा जाता है। यह रायता बूंदी (तली हुई बेसन की छोटी-छोटी गेंदें) और ताजे दही से बनाया जाता है, जिसे मसालों के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। यह उत्तर भारतीय खाने का एक प्रमुख हिस्सा है और इसे खासतौर पर परांठे, बिरयानी, पुलाव और मसालेदार भोजन के साथ परोसा जाता है। बूंदी दही रायता रेसिपी | Boondi dahi raita recipe in hindi कैसे बनाते है और इसे बनाना भी बहुत ही आसान है। यह खाने में भी बहुत स्वादिष्ट है। आज हम आपको यह बताएँगे की मार्केट जैसी Boondi dahi raita banane vidhi और इसे बनाने हम किस-किस सामग्री का उपयोग और Boondi dahi raita ke fayde और इसके बारें में भी detail से जानेंगे। बूंदी दही रायता न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि यह पाचन में भी मदद करता है और शरीर को ठंडक पहुंचाता है। इसे तैयार करने के लिए दही को फेंटा जाता है और उसमें बूंदी, भुना हुआ जीरा, काला नमक, लाल मिर्च पाउडर, हरा धनिया और कभी-कभी चाट मसाला डाला जाता है। यह रायता झटपट बन जाता है और इसका स्वाद हर किसी को पसंद आता है। गर्मियों में यह और भी फायदेमंद होता है क्योंकि यह शरीर को ठंडक देने में मदद करता है।
Boondi dahi raita का संक्षिप्त परिचय
बूंदी दही रायता भारतीय व्यंजनों में एक लोकप्रिय और स्वादिष्ट साइड डिश है, जिसे मुख्य रूप से भोजन के साथ परोसा जाता है। यह उत्तर भारत की पारंपरिक रेसिपी है, जो न केवल स्वाद में लाजवाब होती है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती है। इसे बनाने के लिए बेसन से बनी कुरकुरी बूंदी को ताजे दही में मिलाया जाता है और विभिन्न मसालों का उपयोग करके इसे और भी स्वादिष्ट बनाया जाता है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करते हैं, वहीं बूंदी का हल्का कुरकुरा स्वाद इसे और भी मजेदार बना देता है। यह रायता खाने में ठंडा और हल्का होता है, इसलिए यह गर्मियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसे खासतौर पर परांठे, बिरयानी, पुलाव और मसालेदार खाने के साथ परोसा जाता है, जिससे भोजन का स्वाद संतुलित हो जाता है।
बूंदी दही रायता बनाने की विधि बहुत ही सरल और झटपट बनने वाली होती है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले ताजे दही को अच्छे से फेंटा जाता है, जिससे वह एकदम स्मूद और क्रीमी हो जाए। फिर इसमें स्वादानुसार नमक, भुना हुआ जीरा पाउडर, काला नमक, लाल मिर्च पाउडर, और कभी-कभी चाट मसाला मिलाया जाता है। अगर बूंदी ज्यादा सख्त हो तो उसे हल्के गुनगुने पानी में कुछ सेकंड भिगोकर फिर निचोड़ लिया जाता है, जिससे वह नरम हो जाती है और दही में मिलाने पर अच्छा स्वाद देती है। इसके बाद, इसमें बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालकर इसे सजाया जाता है, जिससे इसका रंग और स्वाद दोनों निखर जाते हैं। कुछ लोग इसमें पुदीना पाउडर या कद्दूकस किया हुआ खीरा भी मिलाते हैं, जिससे यह और भी ताज़गी भरा बन जाता है।
स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बूंदी दही रायता काफी लाभदायक है। दही में कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो हड्डियों और पाचन के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा, यह शरीर को ठंडक प्रदान करता है और गर्मियों में लू से बचाने में मदद करता है। मसालेदार और तैलीय खाने के बाद इसे खाने से पेट को राहत मिलती है और भोजन का संतुलन बना रहता है। यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह पेट के लिए हल्का भी रहता है, जिससे इसे रोज़ाना के भोजन में भी शामिल किया जा सकता है।
Boondi dahi raita ke fayde
1. पाचन तंत्र को मजबूत बनाए
बूंदी दही रायता पाचन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (फायदेमंद बैक्टीरिया) पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करते हैं और अपच, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर रखते हैं।
2. शरीर को ठंडक पहुंचाए
यह रायता गर्मियों में शरीर को ठंडक प्रदान करता है और लू से बचाने में मदद करता है। दही में प्राकृतिक शीतलता होती है, जो शरीर के तापमान को संतुलित बनाए रखती है।
3. हड्डियों को मजबूत बनाए
दही कैल्शियम और विटामिन डी का अच्छा स्रोत होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में सहायक होता है। नियमित रूप से बूंदी दही रायता का सेवन करने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डी संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है।
4. इम्यून सिस्टम को बूस्ट करे
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स और अन्य पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों से बचाव होता है।
5. वजन नियंत्रण में मददगार
अगर आप हेल्दी तरीके से वजन नियंत्रित रखना चाहते हैं, तो बूंदी दही रायता अच्छा विकल्प हो सकता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम होती है और कैलोरी का संतुलन बना रहता है।
6. हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करे
दही में पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक होती है। यह रक्तचाप को संतुलित रखता है और हृदय रोगों के खतरे को कम करता है।
7. पेट की समस्याओं से राहत दे
अगर आपको कब्ज, अपच या गैस की समस्या होती है, तो बूंदी दही रायता फायदेमंद साबित हो सकता है। दही का सेवन आंतों के लिए अच्छा होता है और यह पाचन को बेहतर बनाता है।
8. ऊर्जा बढ़ाने में सहायक
बूंदी दही रायता शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट शरीर को सक्रिय बनाए रखते हैं और थकान दूर करने में मदद करते हैं।
9. स्वाद बढ़ाने के साथ हेल्दी भी
यह रायता स्वाद में लाजवाब होने के साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। इसे खाने से भोजन का संतुलन बना रहता है और यह मसालेदार खाने के बाद पेट को ठंडा करने का काम करता है।
10. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद
दही में मौजूद प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करते हैं और बालों की जड़ों को मजबूत करते हैं। इसके नियमित सेवन से त्वचा हेल्दी बनी रहती है।
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Boondi dahi raita recipe in hindi| बूंदी दही रायता रेसिपी
Ingredients
सामग्री
- बूंदी – 1 कप
- दही – 1 कप
- पानी – 2-3 टेबलस्पून यदि दही गाढ़ा हो
- हरा धनिया – 1 टेबलस्पून कटा हुआ
- भुना जीरा पाउडर – 1/2 टीस्पून
- काला नमक – स्वाद अनुसार
- कुटी हुई लाल मिर्च – 1/2 टीस्पून
- नमक – स्वाद अनुसार
- चाट मसाला – 1/2 टीस्पून
- हिंग ऐच्छिक – 1/2 चुटकी
Instructions
विधी
- पहले एक बाउल में थोड़ी सी बूंदी लें और उस पर थोड़ा पानी डालकर उसे 5-10 मिनट के लिए भिगोने दें ताकि वह नरम हो जाए।
- दही को एक बर्तन में अच्छी तरह से फेंट लें, ताकि वह मुलायम और स्मूथ हो जाए। अगर दही गाढ़ा है तो आप उसमें थोड़ा पानी मिला सकते हैं।
- अब दही में भुना जीरा पाउडर, काला नमक, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, हिंग और नमक डालकर अच्छी तरह से मिला लें।
- अब इस मसालेदार दही में भीगी हुई बूंदी डालें। ध्यान रखें कि बूंदी ज्यादा देर तक न भिगोने दें, वरना वह बहुत मुलायम हो जाएगी। बूंदी डालने के बाद हल्का-सा मिक्स कर लें।
- तैयार रायते को हरे धनिये से सजाएं। आप चाहें तो ऊपर से थोड़ा सा और चाट मसाला और भुना जीरा पाउडर भी छिड़क सकते हैं।
- अब आपका बूंदी दही रायता तैयार है। इसे ठंडा करके रोटी, पराठा या किसी भी भारतीय खाने के साथ परोसें।
Video
Notes
- बूंदी को ज्यादा देर तक पानी में न भिगोने दें, क्योंकि इससे उसका कुरकुरापन चला जाएगा।
- दही का स्वाद बढ़ाने के लिए आप उसमें पुदीना भी डाल सकते हैं।
- अगर दही खट्टा हो, तो उसमें शक्कर भी डाल सकते हैं ताकि स्वाद बेहतर हो।
- रायते को ठंडा करके खाने में ज्यादा स्वादिष्ट लगता है, तो इसे फ्रिज में थोड़ी देर रख सकते हैं।
FAQ
बूंदी को भिगोने के लिए कितनी देर का समय देना चाहिए?
बूंदी को 5-10 मिनट के लिए भिगोने दें, ताकि वह नरम हो जाए। ज्यादा देर तक न छोड़ें, वरना वह बहुत मुलायम हो जाएगी।
अगर दही ज्यादा खट्टा हो, तो क्या करना चाहिए?
अगर दही ज्यादा खट्टा हो तो उसमें थोड़ा शक्कर डाल सकते हैं। इससे दही का खट्टापन कम हो जाएगा और रायता मीठा लगेगा।
क्या मैं फ्रेश बूंदी की बजाय पैकेट वाली बूंदी का इस्तेमाल कर सकता हूँ?
हां, आप पैकेट वाली बूंदी भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उसे भिगोने का समय थोड़ा कम रखें, ताकि वह कुरकुरी बनी रहे।
क्या Boondi dahi raita सर्व करते समय कुछ गार्निश करना जरूरी है?
रायता सर्व करते समय हरा धनिया और चाट मसाला से गार्निश करना बेहतर होता है, जिससे उसका स्वाद और लुक दोनों बेहतर हो जाते हैं।
क्या बूंदी को बिना भिगोए दही में डाल सकते हैं?
नहीं, अगर बूंदी को बिना भिगोए दही में डाला जाए तो वह दही में अच्छी तरह से मिक्स नहीं होती और खाने में कड़ा महसूस होता है।
क्या Boondi dahi raita को फ्रिज में स्टोर किया जा सकता है?
हां, बूंदी दही रायता को फ्रिज में रख सकते हैं। ठंडा होकर यह और भी स्वादिष्ट लगता है, लेकिन ध्यान रखें कि अधिक समय तक न रखें, वरना बूंदी बहुत मुलायम हो जाएगी।